Con. of Natural Res. Mineral and Energy Resources


Conservation of Natural Resources: Mineral and Energy Resources 

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Natural Resources)

खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण (Mineral & Energy Conservation)


खनिज संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Mineral Resources)

1. खनिज का अर्थ

पृथ्वी की परतों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक, ठोस, निश्चित रासायनिक संरचना व भौतिक गुणों वाले पदार्थ खनिज कहलाते हैं।

जैसे—लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा, अभ्रक, मैंगनीज, कोयला, पेट्रोलियम आदि।


2. खनिजों का महत्व

उद्योगों की रीढ़

निर्माण कार्य, परिवहन, ऊर्जा उत्पादन

कृषि उपकरण, मशीनरी, रक्षा सामग्री

रोजगार व आर्थिक विकास का आधार


3. खनिज क्षरण/समस्या

1. अत्यधिक दोहन – सीमित भंडार तेजी से समाप्त

2. अव्यवस्थित/गैर-वैज्ञानिक खनन

3. खनन से भूमि क्षरण, मृदा प्रदूषण, जल प्रदूषण

4. पुनर्चक्रण व उपयोग की कमी

5. खनन क्षेत्रों में जैव विविधता हानि

6. घटती ग्रेड (Low grade ores)

7. खनिज निर्यात में वृद्धि


4. खनिज संसाधनों का संरक्षण

(A) वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपाय

1. गैर-वैज्ञानिक खनन को रोकना

2. कुशल खनन तकनीक अपनाना – ओपन कास्ट की जगह अंडरग्राउंड, रोबोटिक व ड्रोन सर्वे

3. लो-ग्रेड अयस्क के परिष्करण के उपाय

4. खनन अपशिष्ट का पुनःउपयोग

5. खनन क्षेत्रों का पुनर्वास (Reclamation)

6. GIS व Remote Sensing द्वारा संसाधन मैपिंग


(B) आर्थिक उपाय

1. खनिजों का सुविचारित उपयोग

2. निर्यात पर नियंत्रण

3. रिसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा

4. आकर्षक कर नीति से संरक्षण


(C) पर्यावरणीय उपाय

1. खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण

2. ईको-फ्रेंडली खनन तकनीक

3. प्रदूषण नियंत्रण उपाय – धूल नियंत्रण, जल उपचार


(D) कानूनी उपाय

खनिज एवं खनिक (विनियमन) अधिनियम, 1957

राष्ट्रीय खनिज नीति, 2019

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986


(E) सामाजिक उपाय

स्थानीय समुदायों की सहभागिता

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)

खनन से प्रभावित लोगों का पुनर्वास

 

ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Energy Resources)


1. ऊर्जा का महत्व


उद्योग, कृषि, परिवहन, घरेलू कार्य, ICT, आधुनिक अर्थव्यवस्था सब ऊर्जा पर आधारित हैं।


ऊर्जा विकास का मुख्य निर्धारक है।




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2. ऊर्जा संसाधनों के प्रकार


(A) पारंपरिक (Non-Renewable) ऊर्जा स्रोत


सीमित एवं पुनःनिर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं:


कोयला


पेट्रोलियम


प्राकृतिक गैस


परमाणु ऊर्जा



(B) अपारंपरिक (Renewable) ऊर्जा स्रोत


असीमित, पर्यावरण अनुकूल:


सौर ऊर्जा


पवन ऊर्जा


भू-तापीय ऊर्जा


ज्वारीय-तरंग ऊर्जा


जैव ऊर्जा (बायो गैस, बायोफ्यूल)


जल विद्युत




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3. ऊर्जा संकट के कारण


1. जनसंख्या वृद्धि



2. शहरीकरण



3. उद्योगों का विस्तार



4. गैर-नवीकरणीय ऊर्जा पर अत्यधिक निर्भरता



5. जीवाश्म ईंधनों का समाप्त होना



6. जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण



7. ऊर्जा की बर्बादी





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4. ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण


(A) गैर-नवीकरणीय ऊर्जा संरक्षण उपाय


1. ऊर्जा दक्ष तकनीक – LED, ऊर्जा कुशल मोटर



2. उच्च क्षमता वाले पावर प्लांट



3. कोयले का गैसीकरण एवं द्रवीकरण



4. क्रूड ऑयल का वैज्ञानिक परिशोधन



5. पेट्रोलियम संरक्षण – CNG, EVs को बढ़ावा



6. परमाणु ऊर्जा का सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण उपयोग





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(B) नवीकरणीय ऊर्जा विकास (Renewable Energy Promotion)


1. सौर ऊर्जा – सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर



2. पवन ऊर्जा – समुद्र तटीय व पठारी क्षेत्रों में



3. जल विद्युत – लघु जल विद्युत परियोजनाएँ



4. बायोएनेर्जी – बायोगैस, बायोफ्यूल



5. हाइड्रोजन ऊर्जा – हरित हाइड्रोजन मिशन



6. ज्वारीय–तरंग ऊर्जा – तटीय क्षेत्रों में





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(C) ऊर्जा दक्षता बढ़ाना


ऊर्जा संरक्षण अधिनियम–2001


ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE)


स्टार लेबलिंग सिस्टम


स्मार्ट ग्रिड


ऊर्जा ऑडिट




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(D) नीति एवं कार्यक्रम


राष्ट्रीय सौर मिशन


राष्ट्रीय पवन ऊर्जा मिशन


हरित हाइड्रोजन मिशन


ऊर्जा संरक्षण अधिनियम–2001


उज्ज्वला योजना


उजाला (LED वितरण कार्यक्रम)


PM–कुसुम योजना




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5. खनिज व ऊर्जा संरक्षण के लाभ


आर्थिक लाभ


संसाधन की आयु बढ़ती है


विदेशी मुद्रा की बचत


रोजगार के अवसर



पर्यावरणीय लाभ


प्रदूषण में कमी


जलवायु परिवर्तन में नियंत्रण


पारिस्थितिकी का बचाव



सामाजिक लाभ


जीवन स्तर में सुधार


ग्रामीण क्षेत्रों में विकास


ऊर्जा सुरक्षा




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6. परीक्षा हेतु महत्त्वपूर्ण मुख्य बिंदु (Quick Revision Points)


खनिज सीमित हैं, इसलिए पुनर्चक्रण + वैज्ञानिक खनन अनिवार्य।


ऊर्जा संरक्षण—दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीकी सुधार पर आधारित है।


भारत की ऊर्जा नीति—गैर-नवीकरणीय पर निर्भरता कम करना लक्ष्य।


राष्ट्रीय खनिज नीति 2019, ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 महत्त्वपूर्ण।

सौर–पवन–जल ऊर्जा सतत विकास की आधारशिला।


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